मैं जब भी नोएडा की सड़क पर निकलता हूँ तो लेन कल्चर, पैदल पार का रास्ता और ट्रैफिक लाइट का उलंघन बहुत ही सताता है। उस समय दुःख और ही बढ जाता है, जब वहा पर खड़ी पुलिस से कहिये कि कृपया देखिये क्या हो रहा है, तो जबाब मिलता है की कोई सुनता नहीं।
लेन कल्चर
कार चलाते समय कोई एक लेन पर न चले तो समझ में आता है परन्तु दो लेन में लाइन को बीच में रख कर कोई गाडी चला रहा हो, तो समझ में नहीं आता कि क्यों? सबसे बड़ी परेशानी
तब होती है जब ट्रैफिक लाइट पर टर्निंग वाला व्यक्ति अंदर लेन के बजाये बाई वाली लेन से दाहिने मुड रहा होता है दूसरो की गाडियों को रोक कर। पुलिस भी खड़ी है। कई बार समझ में नहीं आता कि लोगो को इन सबका ज्ञान नहीं है या किसी को परवाह नहीं है।
पैदल पार का रास्ता
दो तरीके की कमी दिखती है इस सन्दर्भ में। एक तो सड़क की डिजाईन और दूसरी गाड़ी चलाने वालो की मानसिकता। दूसरे को सुधरने के पहले पहले को ठीक करना बहुत जरूरी है।
सफ़ेद पट्टी जो ट्रैफिक लाइट पर लगी रहती है, अगर उसे देखे तो दोनों तरफ उसमे रुकावट दिखाई देती है। कोई भी पैदल पार करने वाला व्यक्ति उस पर से आसानी से सड़क पार नहीं कर सकता। अगर असानी उस राश्ते पर नहीं है तो कोई क्यों उपयोग करेगा।
दूसरा गाडी चलाने वाले जल्दी से जल्दी ट्रैफिक लाइट पार करने में चक्कर में सफ़ेद पट्टी का ध्यान नहीं देते, उसी पर गाडी खड़ी कर देंगे। पुलिस हो या ना हो, किसी को कोई फरक नहीं पड़ता।
ट्रैफिक लाइट का उलंघन
रेड लाइट (लाल बत्ती) रहते बहुत लोगो को पार करते देख सकते है ट्रैफिक लाइट पर। अगर आप बीच में आ जाए तो ऐसे देखेगे की जैसे उन्होंने नहीं पर मैंने गलती कर दी हो। कई बार पुलिस रहने पर लोग संकोच करते दिखते है पर कुछ लोग तो इतने ढीठ है कि पुलिस की भी परवाह नहीं करते। आखिर क्यों?
लेन कल्चर
कार चलाते समय कोई एक लेन पर न चले तो समझ में आता है परन्तु दो लेन में लाइन को बीच में रख कर कोई गाडी चला रहा हो, तो समझ में नहीं आता कि क्यों? सबसे बड़ी परेशानी
तब होती है जब ट्रैफिक लाइट पर टर्निंग वाला व्यक्ति अंदर लेन के बजाये बाई वाली लेन से दाहिने मुड रहा होता है दूसरो की गाडियों को रोक कर। पुलिस भी खड़ी है। कई बार समझ में नहीं आता कि लोगो को इन सबका ज्ञान नहीं है या किसी को परवाह नहीं है।
पैदल पार का रास्ता
दो तरीके की कमी दिखती है इस सन्दर्भ में। एक तो सड़क की डिजाईन और दूसरी गाड़ी चलाने वालो की मानसिकता। दूसरे को सुधरने के पहले पहले को ठीक करना बहुत जरूरी है।
सफ़ेद पट्टी जो ट्रैफिक लाइट पर लगी रहती है, अगर उसे देखे तो दोनों तरफ उसमे रुकावट दिखाई देती है। कोई भी पैदल पार करने वाला व्यक्ति उस पर से आसानी से सड़क पार नहीं कर सकता। अगर असानी उस राश्ते पर नहीं है तो कोई क्यों उपयोग करेगा।
दूसरा गाडी चलाने वाले जल्दी से जल्दी ट्रैफिक लाइट पार करने में चक्कर में सफ़ेद पट्टी का ध्यान नहीं देते, उसी पर गाडी खड़ी कर देंगे। पुलिस हो या ना हो, किसी को कोई फरक नहीं पड़ता।
ट्रैफिक लाइट का उलंघन
रेड लाइट (लाल बत्ती) रहते बहुत लोगो को पार करते देख सकते है ट्रैफिक लाइट पर। अगर आप बीच में आ जाए तो ऐसे देखेगे की जैसे उन्होंने नहीं पर मैंने गलती कर दी हो। कई बार पुलिस रहने पर लोग संकोच करते दिखते है पर कुछ लोग तो इतने ढीठ है कि पुलिस की भी परवाह नहीं करते। आखिर क्यों?